सौरमंडल और सूर्य के 8 गृह

सौरमंडल क्या है ? आइये जाने सूर्य और उसकी परिक्रमा करने वाले ग्रहों,उपग्रहों,उल्का क्षुद्र ग्रह,पूछताल तारों तथा अन्य धुलिए कणों को संयुक्त रूप से सौरमंडल कहा जाता है. सौरमंडल के केंद्र में सूर्य स्थित है और सभी पिण्ड इसका चक्कर लगाते हैं. तारे के समान सूर्य की ऊर्जा का स्त्रोत नाभिकीय संलयन है जिसके कारण हाइड्रोजन परमाणु का हीलियम में बदलना है. सौरमंडल में सभी ग्रहों का तापमान अलग अलग होता है. सौरमंडल में कुल अभी 8 ग्रह और उनके 172 ज्ञात उपग्रह है. पांच बौने ग्रह और अरबों छोटे पिण्ड शामिल है. आकार में सबसे छोटे होने के कारण प्लूटो ग्रह को बौने ग्रह में शामिल कर दिया गया है. सौरमंडल में सभी ग्रह एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा बंधे हुए हैं. सौरमंडल में प्रकाश सूर्य की वजह से होता है

  • सूर्य सौरमंडल का मुखिया है
  • सौरमंडल को सौरतंत्र व सूर्य परिवार भी कहा जाता है
  • भारतीय खगोल शास्त्री आर्यभट्ट के अनुसार सूर्य सौरमंडल के मध्य में स्थित है
  • सौरमंडल में सभी ग्रह,उपग्रह,उल्कापिंड,क्षुद्र ग्रह एवं धूमकेतु गतिशील रहते हैं
  • सौरमंडल में सूर्य और सभी बाकी खगोलीय पिंड एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण द्वारा बंदे होते हैं
  • गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही गृह एवं उपग्रह सूर्य के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में चक्कर लगाते हैं

सूर्य क्या है

सूर्य एक तारा है जो हमारे सौरमंडल का केंद्र बिंदु है इसके चारो और सभी ग्रह चक्र लगाते हुए परिक्रमा करते है. इसका आकार सौरमंडल के किसी भी तारे या ग्रह से बहुत बड़ा होता है. धरती के सबसे नजदीक यह एक मात्र तारा है जो सबसे बड़ा दिखाई देता है. सूर्य का निर्माण हाइड्रोजन 71%और हिलियम 26.5 % गैसों से मिलकर बना है. सूर्य सौरमंडल के केंद्र मे है और इसके प्रकाश मंडल का तापमान 6000 डिग्री है. सूर्य पृथ्वी से 15 करोड़ किलोमीटर दूर है. सुरज की रौशनी धरती तक पहुचने मे 8 मिनट और 19 सेकंड का टाइम लगता है. सूर्य सौरमंडल की परिकर्मा करने मे 225-250 मिलियन वर्ष का समय लगता है.

सौरमंडल मे कितने गृह है

  • बुध गृह
  • शुक्र गृह
  • पृथ्वी गृह
  • मंगल गृह
  • ब्रहस्पति गृह
  • शनि गृह
  • अरुण गृह
  • वरुण गृह

बुध गृह

बुध गृह सौरमंडल का सबसे छोटा गृह. यह सूर्य के सबसे नज़दीक गृह है. सबसे तेज़ गति से अन्तिक्ष में यात्रा करने वाला गृह है इसकी गति 180000 किमी/घंटा है.

  • यह स्थिलीय गृह है इस गृह का चुम्बकीय क्षेत्र पृथ्वी 1 % है
  • इस गृह का अपना कोई उपग्रह नही है
  • यह गृह पृथ्वी से आकार में 18 गुना छोटा है
  • वायुमंडल न होने के कारण जीवन सम्भव नहीं है
  • अपना घूर्णन काल 58.6 दिन में पूरा करता है
  • सबसे कम समय लगता है सूर्य की परिकर्मा करने मे यह सिर्फ 88 दिन में पूरा करता है
  • सबसे अधिक तापमान 560 सेंटीग्रेड है

शुक्र गृह

यह गृह सूर्य से दुसरे स्थान पर है. इसका आकर मे छटवे नंबर पर आता है. धरती से सबसे चमकीले गृह के रूप में देखा जा सकता है चाँद के बाद दूसरा चमकदार गृह दिखाई देता है पृथ्वी से. धरती और शुक्र में काफी समानता है इस गृह का व्यास पृथ्वी के व्यास का 95 % और वजन मे पृथ्वी का 80 % है.

  • इस गृह का तापमान 500 डिग्री सेंटीग्रेड है
  • सूर्य की परिकर्मा करने मे 225 दिन लगते है
  • इस गृह का वातावरण कार्बन डाइऑक्साइड से बना है
  • इस गृह का अपना कोई उपग्रह नही है
  • यह पृथ्वी के सबसे पास गृह है
  • इस गृह पर सल्फ्यूरिक एसिड के बादल की मोती परते कई किलोमीटर सतह ढकी हुई है
  • इस गृह के सूर्य की तरह वाले भाग का तापमान 462 डिग्री सेल्सियस है
  • कार्बन डाइऑक्साइड 95 % और नाइट्रोजन 3.5 प्रतिशत भाग इसके वायुमंडल मे है
  • सूर्य और पृथ्वी के बिच में होने के कारण यह आन्तरिक गृह की श्रेणी में आता है

पृथ्वी गृह

सौरमंडल का एक मात्र गृह है जहा पर जीवन सम्भव है. पृथ्वी सूर्य से निकटतम तीसरे गृह पर है और ब्रह्माण्ड में एक मात्र ऐसा गृह जहा सभी तरह के प्राणी रहा करते है. सूर्य के एक चक्र लगाने में पृथ्वी को 365 दिन का समय लगता है. पृथ्वी की आयु लगभग 4.54 बिलियन साल है.

  • पृथ्वी का 71 % भाग जल और बाकि का भूमि है
  • इसके वायुमंडल मे ओक्सीजन और नाइट्रोजन गैस है
  • इसका बाहरी भाग ओजोन की परत से ढका है जो हानिकारक पराबेंगनी किरणों से हमें बचाता है
  • धरती का आकाश नीला पानी की वजह से दीखता है
  • चाँद प्रथ्वी का एकमात्र पप्राकर्तिक उपग्रह है
  • प्रथ्वी 4 जुलाई को सूर्य से सबसे अधिक दुरी पर होती है

मंगल गृह

मगंल गृह सूर्य से चोथे स्थान पर है. इसे लाल गृह भी कहते है. मंगल गृह भी धरती की तरह धरातल वाला गृह है. इसका वातावरण विरल है. सौरमंडल का सबसे ऊँचा पर्वत ओलम्पस मोंस यही पर है. इसकी भोगोलिक समानताए चन्द्रमा और धरती की जेसी है. इस गृह में पानी होने की सम्भावनाये पाई गई है और यहाँ जीवन होने के सबुत ढूंढे जा रहे है.

  • मंगल गृह पर अभी तीन यान है -1.मार्स ओडिसी 2.मार्स एक्सप्रेस 3.मार्स ऑर्बिटर है
  • इस गृह पर दो रोवर्स स्पिरिट और ओप्रचुनिटी ने लेंडर फिनिक्स के साथ कई सफल काम किये है
  • मंगल के दो चन्द्रमा फोबोस और डोमोज़ है
  • यह गृह व्यास मे पृथ्वी से आधा है
  • इसका लाल और नारंगी रंग लोह ऑक्साइड के कारण है
  • इस गृह का दिन 24 घंटे से कुछ ज्यादा होता है
  • अगर किसी आदमी का वजन धरती पर 100 किलो है तो मंगल गृह पर 37 किलो उसकी गुरुत्वाकर्षण की वजह से होगा
  • इसे पहली बार दूरबीन की मदद से 1610 ई में गलेलियो गैलिली ने दखा था
  • प्रथ्वी से मंगल गृह 5 करोड़ 40 लाख किलीमीटर दुरी पर है
  • अमेरिका ने एक मिशन 30 जुलाई 2020 को मंगल पर भेजा था जो की फरवरी 2021 में जाकर मंगल की सतह पर पहुँच चूका है

ब्रहस्पति गृह

ब्रहस्पति सौरमंडल सबसे बड़ा गृह है. सूर्य से पांचवे नंबर इस गृह का स्थान है. यह मुख्य रूप से एक विशाल गैसीय पिण्ड है जिसका द्रव्यमान सूर्य के हजारवे भाग के बराबर है और सौरमंडल मे मोजूद अन्य सात गृहो की तुलना में द्रव्यमान का ढाई गुना है. इसे हम रात के समय देख भी सकते है. इसे जुपिटर रोमन सभ्यताके देवता के नाम से रखा गया था यह गृह एक चौथाई हिलियम और हाइड्रोजन गैस से बना है. इसमें एक सबसे बड़ा लाल धब्बा दिखाई देता है जिसे ग्रेट रेड स्पॉट कहते है जो एक विशाल तूफान है.

  • इस गृह के 79 चाँद है जिसमे से 53 के नाम रख दिये है और 26 के रखने बाकि है
  • न्यू होराईजन यान पहली बार इसके पास से गुजर कर गया था यह 2007 के फरवरी और मैच का समय था
  • इस गृह को सही तरह से जानने के लिए वैज्ञानिकों ने पायोनियर और वोयेजर अन्तरिक्ष यान भेजे गये
  • इस गृह का चुम्बकीय बल सबसे अधिक है
  • इसकी स्थलीय संरचना नही है

शनि गृह

यह गृह सूर्य से छटवे नंबर पर आता है. ब्रहस्पति के बाद दूसरा सबसे बड़ा गृह है. यह पृथ्वी से व्यास में 100 गुना बड़ा है. अन्दर से ये लोहा और निकल तथा चट्टान के कोर से बना है

  • इस गृह को अपनी दुरी मे घुमने में 10 घंटे 30 मिनट लगते है
  • यह आकाश मे पीले तारे जैसा दिखता है
  • इसके वायुमंडल मे हाइड्रोजन और हिलियम गैस पाई जाती है
  • इस गृह के कम से कम 82 अपने चाँद है जिसमे टाइटन,युरोपा,फोबो और एन्सेलेडस मुख्य है
  • इस गृह के चारो और बने पतले रिंग्स बहुत सुंदर दिखाती देते जिसे हम टेलीस्कोप की मदद से देख पायंगे
  • शनि गृह मे वायुमंडल दबाव धरती से 100 गुना ज्यादा है
  • इस गृह को रात को हम देख सकते है
  • सूर्य के चारो ओर चक्कर लगाने मे शनि को 29.4 प्रथ्वी साल लगते है

अरुण गृह

यह गृह सौरमंडल में सूर्य से सातवा गृह है. व्यास के आधार पर ये सौरमंडल मे तीसरा बड़ा और द्रव्यमान के आधार पर चौथा चौड़ा गृह है. यह गृह गैस से बना है और इसका आकार बहुत बड़ा है. इस गृह में सबसे ज्यादा बर्फ पाई जाती है

  • इस गृह की खोज 1781 ई में कई गई विलियम हर्षेल ने की थी
  • अरुण गृह के कुल 27 उपग्रह है. जिनमे टाईटेनियम सबसे बड़ा है
  • यह एक मात्र ऐसा गृह है जो सूर्य परिकर्मा एक ध्रुव से दुसरे ध्रुव की ओर करता है
  • इस गृह का वायुमंडल घना है जिमसे हाइड्रोजन,हिलियम,मीथेन और अमोनिया गैसे है
  • इसे गृह को लेटा हुआ गृह भी कहते है

वरुण गृह

यह गृह सौरमंडल में सूर्य से आंठ्वे नंबर पर है. व्यास के आधार पर यह सौरमंडल का चौथा बड़ा और द्रव्यमान के आधार पर तीसरा बड़ा गृह है. इसे चार बड़े गैस के गृहो में से इसे भी गैस का दानव कहा जाता है इसका आकार बहुत बड़ा है

  • इस गृह की खोज गणित के अध्यन से की गई थी
  • इस गृह में तूफान और बादल मौसम का बदलाव होता रहता है
  • इसका हल्का नीला रंग उपरी वातावरण में मोजूद मीथेन गैस से होता है
  • नेप्च्यून प्राचीन रोमन धर्म में समन्दर के देवता के नाम से रखा गया ओर जो स्थान प्राचीन भारत में अरुण देवता का रहा है इसलिए इसे हिंदी मे वरुण गृह भी कहते है